कुकुछीना (दूनागिरी, द्वाराहाट, अल्मोड़ा), 29 अक्टूबर 2025:
हिमालय की गोद में बसी पावन महावतार बाबाजी गुफा आज एक ऐतिहासिक पल की साक्षी बनी। पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी के आगमन पर समस्त क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। भारत के सम्मानित पूर्व राष्ट्रपति जी का पदचरण क्षेत्रवासियों के लिए अमूल्य आशीर्वाद सिद्ध हुआ। एकता, भक्ति और सेवा का अनुपम संगम यहाँ देखने को मिला।
भव्य स्वागत और हार्दिक आतिथ्य

श्री रामनाथ कोविंद जी के महावतार बाबाजी गुफा, कुकुछिना पहुँचते ही भव्य स्वागत हुआ। श्री गिरीश चंद्र जोशी जी ने कुमाऊँनी ऐपण कला की मंत्रमुग्ध कर देने वाली रचना और महावतार बाबाजी की सुंदर प्रतिमा भेंट कर हृदयस्पर्शी स्वागत किया। इस सांस्कृतिक धरोहर और आध्यात्मिक प्रतीक को पूर्व राष्ट्रपति जी को समर्पित कर क्षेत्र की समृद्ध परंपरा का जीवंत प्रदर्शन किया गया।
पावन अवसर पर विशेष उपस्थिति

इस शुभ अवसर पर दिव्य सेवा प्रेम मिशन के संस्थापक श्री आशीष भैया जी भी उपस्थित रहे। उनकी प्रेरणादायी उपस्थिति ने सेवा और भक्ति के संदेश को और गहरा कर दिया।
ग्राम प्रधान, जन प्रतिनिधि और क्षेत्र की समस्त जनता भी पूर्ण संख्या में मौजूद रही। ग्रामीणों की भारी भीड़, जनप्रतिनिधियों की एकजुटता और स्थानीय निवासियों के उत्साह ने इस पावन पल को अविस्मरणीय बना दिया।


क्षेत्रवासियों की भावनाएँ और प्रार्थना

पूर्व राष्ट्रपति जी के आगमन से क्षेत्र की समस्त जनता में खुशी की लहर देखी गई। हर चेहरे पर मुस्कान और आँखों में श्रद्धा झलक रही थी। क्षेत्र के लोग श्री रामनाथ कोविंद जी के उत्तम स्वास्थ्य के लिए हृदय से प्रार्थना करते हैं। उनकी दीर्घायु और सदैव प्रसन्नचित्त रहने की कामना हर कोई कर रहा है। साथ ही, महावतार बाबाजी की कृपा सभी पर यूँ ही बनी रहे।
एकता का संदेश

यह अवसर सिखाता है कि भक्ति, सेवा और एकता से ही सच्चा विकास संभव है। पूर्व राष्ट्रपति जी का आगमन क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है, जो आध्यात्मिक जागरण को नई उड़ान देगा।
आइए, हम सब मिलकर महावतार बाबाजी के संदेश को अपनाएँ और सेवा के भाव को जीवंत रखें।
जय हो! जय महावतार बाबाजी!


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